Hindi shayari इंतजार में वर्षों गुजर गए तुम्हारी आदत में सुधार आ जाए मगर तुम वैसे के वैसे रह गए मेरी हर कोशिश नाकाम रह गई
यह हकीकत है किसी की मेहनत बेकार नहीं जाती है लगातार संघर्ष करते रहने वालों की किस्मत चमक जाती है हमने जिंदगी की रफ्तार में ढलना सीख लिया है ऐसे मोड़ पर आ गए हैं जहां मुकद्दर में चार चांद लग जाएंगे